श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 31: मायारचित श्रीराम का कटा मस्तक दिखाकर रावण द्वारा सीता को मोह में डालने का प्रयत्न  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.31.36 
एवं तव हतो भर्ता ससैन्यो मम सेनया।
क्षतजार्द्रं रजोध्वस्तमिदं चास्याहृतं शिर:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार मेरी सेना ने तुम्हारे पति को सैनिकों सहित मार डाला है। उसका सिर रक्त से लथपथ और धूल से लिपटा हुआ यहाँ लाया गया है।॥36॥
 
‘In this way my army killed your husband along with his soldiers. His head soaked in blood and covered in dust has been brought here.’॥ 36॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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