श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  6.30.29 
नास्ति रामस्य सदृशे विक्रमे भुवि कश्चन।
विराधो निहतो येन कबन्धश्चान्तकोपम:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
'इस संसार में श्री रामचन्द्रजी के समान कोई दूसरा वीर योद्धा नहीं है। उन्होंने ही मृत्यु के समान भयंकर विराध और कबन्ध का वध किया था।
 
‘There is no other warrior as valiant as Shri Ramchandraji in this world. He was the one who killed Viradha and Kabandha who was as fierce as death.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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