श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.30.23 
सुमुखो दुर्मुखश्चात्र वेगदर्शी च वानर:।
मृत्युर्वानररूपेण नूनं सृष्ट: स्वयंभुवा॥ २३॥
 
 
अनुवाद
सुमुख, दुर्मुख और वेगदर्शी नामक वानर- ये मृत्यु के पुत्र हैं। निश्चय ही स्वयंभू ब्रह्मा ने इन वानरों के रूप में स्वयं मृत्यु को उत्पन्न किया है। 23॥
 
‘The monkeys named Sumukh, Durmukh and Vegdarshi – these are the sons of death. Certainly, Swayambhu Brahma has created death itself in the form of these monkeys. 23॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas