Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.30.11: ‘समुद्र को पर्वत शिलाओं से भरकर, श्री रामजी लंका के द्वार पर आ पहुँचे हैं और हाथ में धनुष लिए हुए वहाँ खड़े हैं।॥11॥   |   ramayan सर्ग 6.30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.30.11 
एष शैलशिलाभिस्तु पूरयित्वा महार्णवम्।
द्वारमाश्रित्य लङ्काया रामस्तिष्ठति सायुध:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
‘समुद्र को पर्वत शिलाओं से भरकर, श्री रामजी लंका के द्वार पर आ पहुँचे हैं और हाथ में धनुष लिए हुए वहाँ खड़े हैं।॥11॥
 
‘Having filled up the sea with mountain boulders, Sri Rama has arrived at the gates of Lanka and is standing there holding a bow in his hand.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)