श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 30: रावण के भेजे हुए गुप्तचरों एवं शार्दूल का उससे वानर-सेना का समाचार बताना और मुख्य-मुख्य वीरों का परिचय देना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.30.1 
ततस्तमक्षोभ्यबलं लङ्काधिपतये चरा:।
सुवेले राघवं शैले निविष्टं प्रत्यवेदयन्॥ १॥
 
 
अनुवाद
गुप्तचरों ने लंका के राजा रावण को सूचना दी कि भगवान राम की सेना ने सुवेला पर्वत के पास डेरा डाल दिया है और वह पूर्णतः अजेय है। ॥1॥
 
The spies informed Ravana, the King of Lanka, that Lord Rama's army had camped near the Suvela mountain and was absolutely invincible. ॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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