श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 3: हनुमान जी का लङ्का का वर्णन करके भगवान् श्रीराम से सेना को कूच करने की आज्ञा देने के लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.3.33 
एवमाज्ञापय क्षिप्रं बलानां सर्वसंग्रहम्।
मुहूर्तेन तु युक्तेन प्रस्थानमभिरोचय॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
यह समझकर आपको तुरन्त सभी सैनिकों को आवश्यक वस्तुएं एकत्रित कर आगे बढ़ने का आदेश देना चाहिए तथा उचित समय पर प्रस्थान करना चाहिए।'
 
Having understood this, you should immediately order all the soldiers to collect all the essential items and march ahead and wish to depart at the appropriate time.'
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डे तृतीय: सर्ग: ॥ ३ ॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें तीसरा सर्ग पूरा हुआ ॥ ३ ॥
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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