| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 6: युद्ध काण्ड » सर्ग 3: हनुमान जी का लङ्का का वर्णन करके भगवान् श्रीराम से सेना को कूच करने की आज्ञा देने के लिये प्रार्थना करना » श्लोक 31 |
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| | | | श्लोक 6.3.31  | अङ्गदो द्विविदो मैन्दो जाम्बवान् पनसो नल:।
नील: सेनापतिश्चैव बलशेषेण किं तव॥ ३१॥ | | | | | | अनुवाद | | अंगद, द्विविद, मैन्द, जाम्बवान, पनस, नल और सेनापति नील - ये ही वानर लंका पर विजय पाने के लिए पर्याप्त हैं। शेष सेना का तुम क्या करना चाहते हो? | | | | ‘Angad, Dwivid, Maind, Jambavan, Panas, Nala and Commander Neel – these many monkeys are sufficient to conquer Lanka. What do you want to do with the rest of the army? | | ✨ ai-generated | | |
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