श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 3: हनुमान जी का लङ्का का वर्णन करके भगवान् श्रीराम से सेना को कूच करने की आज्ञा देने के लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.3.26 
प्रयुतं रक्षसामत्र पश्चिमद्वारमाश्रितम्।
चर्मखड्गधरा: सर्वे तथा सर्वास्त्रकोविदा:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
नगर के पश्चिमद्वार पर दस लाख राक्षस निवास करते हैं। वे सभी ढाल और तलवार धारण करते हैं और सभी अस्त्र-शस्त्रों के ज्ञान में निपुण हैं॥ 26॥
 
‘Ten lakh demons reside at the western gate of the city. All of them carry shields and swords and are proficient in the knowledge of all weapons.॥ 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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