श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 3: हनुमान जी का लङ्का का वर्णन करके भगवान् श्रीराम से सेना को कूच करने की आज्ञा देने के लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  6.3.24 
अयुतं रक्षसामत्र पूर्वद्वारं समाश्रितम्।
शूलहस्ता दुराधर्षा: सर्वे खड्गाग्रयोधिन:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
लंका के पूर्वी द्वार पर दस हज़ार राक्षस रहते हैं, जिनके हाथों में भाले हैं। उन्हें हराना और युद्ध के मुहाने पर तलवारों से लड़ना बहुत कठिन है।
 
‘Ten thousand demons live at the eastern gate of Lanka, all of whom carry spears in their hands. They are extremely difficult to defeat and fight with swords at the mouth of a battle.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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