श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 3: हनुमान जी का लङ्का का वर्णन करके भगवान् श्रीराम से सेना को कूच करने की आज्ञा देने के लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  6.3.12 
तत्रेषूपलयन्त्राणि बलवन्ति महान्ति च।
आगतं प्रतिसैन्यं तैस्तत्र प्रतिनिवार्यते॥ १२॥
 
 
अनुवाद
उन द्वारों पर विशाल एवं शक्तिशाली यंत्र लगे हुए हैं। वे बाण और पत्थर के गोले बरसाते हैं। आक्रमणकारी शत्रु सेना को आगे बढ़ने से रोक दिया जाता है।॥12॥
 
‘There are huge and powerful machines installed on those doors. They shower arrows and stone balls. The attacking enemy army is stopped from advancing.॥ 12॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd