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ramayan 6.28.22-23: ‘जो अपने दाहिनी ओर शुद्ध सोने के समान चमकता है, जिसकी छाती बड़ी है, जिसके नेत्र हल्के लाल हैं और जिसके सिर पर काले घुंघराले बाल हैं, उसे लक्ष्मण कहते हैं। वह अपने भाई का प्रिय है और सदैव उसके हित में लगा रहता है, राजनीति और युद्ध में कुशल है और समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ है।॥ 22-23॥   |   ramayan सर्ग 6.28: शुक के द्वारा सुग्रीव के मन्त्रियों का, मैन्द और द्विविद का, हनुमान् का, श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण और सग्रीव का परिचय देना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 28: शुक के द्वारा सुग्रीव के मन्त्रियों का, मैन्द और द्विविद का, हनुमान् का, श्रीराम, लक्ष्मण, विभीषण और सग्रीव का परिचय देना  »  श्लोक 22-23
 
 
श्लोक  6.28.22-23 
यस्यैष दक्षिणे पार्श्वे शुद्धजाम्बूनदप्रभ:।
विशालवक्षास्ताम्राक्षो नीलकुञ्चितमूर्धज:॥ २२॥
एषो हि लक्ष्मणो नाम भ्रातु: प्रियहिते रत:।
नये युद्धे च कुशल: सर्वशस्त्रभृतां वर:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
‘जो अपने दाहिनी ओर शुद्ध सोने के समान चमकता है, जिसकी छाती बड़ी है, जिसके नेत्र हल्के लाल हैं और जिसके सिर पर काले घुंघराले बाल हैं, उसे लक्ष्मण कहते हैं। वह अपने भाई का प्रिय है और सदैव उसके हित में लगा रहता है, राजनीति और युद्ध में कुशल है और समस्त शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ है।॥ 22-23॥
 
‘The one on his right side, who shines like pure gold, has a large chest, has slightly red eyes and has black curly hair on his head, is called Lakshmana. He is dear to his brother and is always devoted to his welfare, is skilled in politics and war and is the best among all weapon holders.॥ 22-23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)