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ramayan 6.27.12: बुद्धिमान जाम्बवान् ने देवताओं और दानवों के युद्ध में इन्द्र की बहुत सहायता की थी और उनसे अनेक वरदान भी प्राप्त किए थे॥12॥   |   ramayan सर्ग 6.27: वानरसेना के प्रधान यूथपतियों का परिचय   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.27.12 
एतेन साह्यं तु महत् कृतं शक्रस्य धीमता।
दैवासुरे जाम्बवता लब्धाश्च बहवो वरा:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान जाम्बवान् ने देवताओं और दानवों के युद्ध में इन्द्र की बहुत सहायता की थी और उनसे अनेक वरदान भी प्राप्त किए थे॥12॥
 
The wise Jambavan had greatly helped Indra in the war between gods and demons and had also received many boons from him.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)