Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.25.26-27h: भगवान् श्री राम का यह सन्देश पाकर शुक और सारण धर्मवत्सल दोनों राक्षसों ने 'आपको जय हो', 'आप चिरंजीवी हों' आदि वचनों से श्री रघुनाथजी का अभिवादन किया और लंकापुरी में आकर राक्षसराज रावण से बोले - | ramayan सर्ग 6.25: रावण का शुक और सारण को गुप्त रूप से वानरसेना में भेजना, श्रीराम का संदेश लेकर लङ्का में लौट रावण को समझाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान् श्री राम का यह सन्देश पाकर शुक और सारण धर्मवत्सल दोनों राक्षसों ने 'आपको जय हो', 'आप चिरंजीवी हों' आदि वचनों से श्री रघुनाथजी का अभिवादन किया और लंकापुरी में आकर राक्षसराज रावण से बोले -
After receiving this message from Lord Shri Ram, both the demons Shuka and Saran Dharmavatsal greeted Shri Raghunathji with words like 'Jail to you', 'May you live forever' etc. and came to Lankapuri and said to the demon king Ravana -
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥