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ramayan 6.25.23: रावण! अब अपनी सेना और सम्बन्धियों के साथ आकर मुझे वह शक्ति दिखाओ, जिससे तुमने अपनी इच्छा से मेरी सीता का हरण किया था॥ 23॥   |   ramayan सर्ग 6.25: रावण का शुक और सारण को गुप्त रूप से वानरसेना में भेजना, श्रीराम का संदेश लेकर लङ्का में लौट रावण को समझाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 25: रावण का शुक और सारण को गुप्त रूप से वानरसेना में भेजना, श्रीराम का संदेश लेकर लङ्का में लौट रावण को समझाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.25.23 
यद् बलं त्वं समाश्रित्य सीतां मे हृतवानसि।
तद् दर्शय यथाकामं ससैन्यश्च सबान्धव:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
रावण! अब अपनी सेना और सम्बन्धियों के साथ आकर मुझे वह शक्ति दिखाओ, जिससे तुमने अपनी इच्छा से मेरी सीता का हरण किया था॥ 23॥
 
Ravana! Now come with your army and relatives and show me the power by which you abducted my Sita as per your wish.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)