Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.25.10: वानरों की वह सेना कितनी बड़ी थी? गिनती तो दूर, उसका अंदाज़ा लगाना भी नामुमकिन था। उस विशाल सेना को देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते थे। उस समय शुक और सारण किसी भी तरह उसकी गिनती नहीं कर पा रहे थे। | ramayan सर्ग 6.25: रावण का शुक और सारण को गुप्त रूप से वानरसेना में भेजना, श्रीराम का संदेश लेकर लङ्का में लौट रावण को समझाना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वानरों की वह सेना कितनी बड़ी थी? गिनती तो दूर, उसका अंदाज़ा लगाना भी नामुमकिन था। उस विशाल सेना को देखकर ही रोंगटे खड़े हो जाते थे। उस समय शुक और सारण किसी भी तरह उसकी गिनती नहीं कर पा रहे थे।
How big was that army of monkeys? Forget counting it, it was impossible to even estimate it. One would get goosebumps just by looking at that huge army. At that time Shuka and Saran were not able to count it in any way.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥