श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.24.9 
आलिखन्तीमिवाकाशमुत्थितां पश्य लक्ष्मण।
मनसेव कृतां लङ्कां नगाग्रे विश्वकर्मणा॥ ९॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण! इस लंका को देखो। यह अपनी ऊँचाई से आकाश में एक रेखा खींचती हुई प्रतीत होती है। ऐसा प्रतीत होता है कि पूर्वकाल में विश्वकर्मा ने अपने मन से इस पर्वत शिखर पर लंकापुरी का निर्माण किया था।॥9॥
 
Lakshmana! Look at this Lanka. It seems to be drawing a line in the sky from its height. It seems that in the past Vishwakarma had created Lankapuri on this mountain peak with his own mind.॥ 9॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd