श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.24.7 
अत्र सा मृगशावाक्षी रावणेनोपरुध्यते।
अभिभूता ग्रहेणेव लोहिताङ्गेन रोहिणी॥ ७॥
 
 
अनुवाद
वह मन ही मन कहने लगे, 'हाय! यहीं हिरण जैसी आँखों वाली सीता रावण द्वारा कैद कर ली गई है। उसकी हालत मंगल ग्रह से पीड़ित रोहिणी के समान हो रही है।'
 
He started saying within himself, 'Alas! This is where the deer-eyed Sita is imprisoned by Ravana. Her condition is becoming like that of Rohini who was afflicted by the planet Mars.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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