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ramayan 6.24.40: दशरथ पुत्र राम ने अभी तक समुद्र के समान मेरे वेग और युद्धभूमि में वायु के समान मेरे बल का अनुभव नहीं किया है, इसीलिए वह मुझसे युद्ध करना चाहता है।   |   ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.24.40 
सागरस्येव मे वेगो मारुतस्येव मे बलम्।
न च दाशरथिर्वेद तेन मां योद्धुमिच्छति॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
दशरथ पुत्र राम ने अभी तक समुद्र के समान मेरे वेग और युद्धभूमि में वायु के समान मेरे बल का अनुभव नहीं किया है, इसीलिए वह मुझसे युद्ध करना चाहता है।
 
Dasaratha's son Rama has not yet experienced my speed like the ocean and my strength like the wind in the battlefield, that is why he wants to fight with me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)