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ramayan 6.24.36: यदि देवता, गन्धर्व और राक्षस भी मुझसे युद्ध करने को तैयार हो जाएँ और सम्पूर्ण लोक के लोग मुझे धमकी देने लगें, तो भी मैं सीता को नहीं लौटाऊँगा॥ 36॥   |   ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.24.36 
यदि मां प्रति युद्धेरन् देवगन्धर्वदानवा:।
नैव सीतां प्रदास्यामि सर्वलोकभयादपि॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
यदि देवता, गन्धर्व और राक्षस भी मुझसे युद्ध करने को तैयार हो जाएँ और सम्पूर्ण लोक के लोग मुझे धमकी देने लगें, तो भी मैं सीता को नहीं लौटाऊँगा॥ 36॥
 
‘Even if the gods, Gandharvas and demons were ready to fight with me and the people of the entire world were to threaten me, I would still not return Sita.॥ 36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)