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ramayan 6.24.32: ‘पर्वत और मेघ के समान विशाल, भालुओं और वानरों की हजारों सेनाएँ पृथ्वी पर फैल गई हैं।॥ 32॥   |   ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.24.32 
ऋक्षवानरसङ्घानामनीकानि सहस्रश:।
गिरिमेघनिकाशानां छादयन्ति वसुंधराम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
‘पर्वत और मेघ के समान विशाल, भालुओं और वानरों की हजारों सेनाएँ पृथ्वी पर फैल गई हैं।॥ 32॥
 
‘Thousands of armies of bears and monkeys, as huge as mountains and clouds, have spread over the earth.॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)