श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  6.24.30 
स च हन्ता विराधस्य कबन्धस्य खरस्य च।
सुग्रीवसहितो राम: सीताया: पदमागत:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
विराध, कबंध और खरख का वध करने वाले राम, सीता का पता लगाकर उसे छुड़ाने के लिए सुग्रीव के साथ आये हैं॥30॥
 
Rī Rāma who had killed Viradha, Kabandha and Kharaka, has come with Sugriv to rescue Sita after having found out her whereabouts.॥ 30॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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