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ramayan 6.24.2: वह विशाल सेना समुद्र के समान दिखाई देती थी। उसके भार से दबी हुई पृथ्वी भयभीत हो गई और उसके वेग से डोलने लगी॥2॥   |   ramayan सर्ग 6.24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  6.24.2 
प्रचचाल च वेगेन त्रस्ता चैव वसुंधरा।
पीडॺमाना बलौघेन तेन सागरवर्चसा॥ २॥
 
 
अनुवाद
वह विशाल सेना समुद्र के समान दिखाई देती थी। उसके भार से दबी हुई पृथ्वी भयभीत हो गई और उसके वेग से डोलने लगी॥2॥
 
That huge army looked like the ocean. The earth, weighed down by its weight, became afraid and began to sway with its force.॥2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)