श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  6.24.18 
जघनं कपिसेनाया: कपिराजोऽभिरक्षतु।
पश्चार्धमिव लोकस्य प्रचेतास्तेजसा वृत:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
जैसे महाप्रतापी वरुण संसार के पश्चिम भाग की रक्षा करते हैं, वैसे ही वानरों के राजा सुग्रीव वानरों की सेना के पिछले भाग की रक्षा करें।॥18॥
 
Let Sugreeva, the King of the Monkeys, protect the rear of the army of Monkeys, just as the illustrious Varuna protects the western side of the world.'॥ 18॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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