श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.24.15 
तिष्ठेद् वानरवाहिन्या वानरौघसमावृत:।
आश्रितो दक्षिणं पार्श्वमृषभो नाम वानर:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार ऋषभ नामक वानर इस वानरों की सेना के दाहिनी ओर वानरों के समूह से घिरा हुआ खड़ा हो॥15॥
 
‘Similarly, the monkey named Rishabha should stand on the right side of this army of monkeys, surrounded by a group of apes.॥ 15॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd