श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम का लक्ष्मण से लङ्का की शोभा का वर्णन कर सेना को व्यूहबद्ध करना, रावण का अपने बल की डींग हाँकना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.24.11 
पुष्पितै: शोभिता लङ्का वनैश्चित्ररथोपमै:।
नानापतगसंघुष्टफलपुष्पोपगै: शुभै:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
लंकापुरी चैत्ररथ वन के समान सुन्दर वनों से सुशोभित है, जो पुष्पों से परिपूर्ण हैं। उन वनों में नाना प्रकार के पक्षी कलरव कर रहे हैं और फल-फूलों से युक्त होने के कारण वे अत्यन्त सुन्दर प्रतीत हो रहे हैं।॥11॥
 
‘Lankapuri is adorned with beautiful forests like the Chaitrarath forest full of flowers. Various kinds of birds are chirping in those forests and they appear very beautiful due to the availability of fruits and flowers.॥ 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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