श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 23: श्रीराम का लक्ष्मण से उत्पातसूचक लक्षणों का वर्णन और लङ्का पर आक्रमण  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.23.9 
ह्रस्वो रूक्षोऽप्रशस्तश्च परिवेषस्तु लोहित:।
आदित्ये विमले नीलं लक्ष्म लक्ष्मण दृश्यते॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'लक्ष्मण! स्वच्छ सूर्यमण्डल में एक नीला धब्बा दिखाई दे रहा है। सूर्य के चारों ओर एक छोटा, खुरदुरा, अशुभ और लाल घेरा है।॥9॥
 
‘Laxman! A blue spot is visible in the clear solar system. There is a small, rough, ominous and red circle around the sun.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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