श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 23: श्रीराम का लक्ष्मण से उत्पातसूचक लक्षणों का वर्णन और लङ्का पर आक्रमण  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.23.11 
काका: श्येनास्तथा नीचा गृध्रा: परिपतन्ति च।
शिवाश्चाप्यशुभान् नादान् नदन्ति सुमहाभयान्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
‘कौवे, बाज और नीच गिद्ध सब ओर उड़ रहे हैं और सियारियाँ अशुभ और भयानक शब्द बोल रही हैं ॥ 11॥
 
‘Crows, hawks and lowly vultures are flying all around and the female jackals are uttering ominous and terrifying words.॥ 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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