श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना  »  श्लोक 83-84h
 
 
श्लोक  6.22.83-84h 
अग्रतस्तस्य सैन्यस्य श्रीमान् राम: सलक्ष्मण:॥ ८३॥
जगाम धन्वी धर्मात्मा सुग्रीवेण समन्वित:।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार धनुर्धर एवं धर्मात्मा भगवान श्री राम लक्ष्मण और सुग्रीव के साथ उस सेना के आगे चले।
 
In this way, the archer and the virtuous Lord Shri Ram went ahead of that army along with Lakshman and Sugriva.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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