श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना  »  श्लोक 78-79h
 
 
श्लोक  6.22.78-79h 
तानि कोटिसहस्राणि वानराणां महौजसाम्॥ ७८॥
बध्नन्त: सागरे सेतुं जग्मु: पारं महोदधे:।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार हजारों पराक्रमी एवं उत्साही वानरों का समूह सेतु का निर्माण करते हुए समुद्र के उस पार पहुँच गया।
 
In this manner, the group of thousands of mighty and enthusiastic monkeys reached the other side of the ocean while building the bridge. 78 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)