vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 22: नल के द्वारा सागर पर सौ योजन लंबे पुल का निर्माण तथा उसके द्वारा श्रीराम सहित वानरसेना का उस पार पड़ाव डालना
»
श्लोक 78-79h
श्लोक
6.22.78-79h
तानि कोटिसहस्राणि वानराणां महौजसाम्॥ ७८॥
बध्नन्त: सागरे सेतुं जग्मु: पारं महोदधे:।
अनुवाद
इस प्रकार हजारों पराक्रमी एवं उत्साही वानरों का समूह सेतु का निर्माण करते हुए समुद्र के उस पार पहुँच गया।
In this manner, the group of thousands of mighty and enthusiastic monkeys reached the other side of the ocean while building the bridge. 78 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×