श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 2: सुग्रीव का श्रीराम को उत्साह प्रदान  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.2.16 
तत्त्वं बुद्धिमतां श्रेष्ठ: सर्वशास्त्रार्थकोविद:।
मद्विधै: सचिवै: सार्धमरिं जेतुं समर्हसि॥ १६॥
 
 
अनुवाद
आप बुद्धिमानों में श्रेष्ठ हैं और सम्पूर्ण शास्त्रों के ज्ञाता हैं। अतः हम जैसे मन्त्रियों तथा सहायकों की सहायता से आप शत्रु पर अवश्य विजय प्राप्त कर सकते हैं॥16॥
 
‘You are the best among the wise and have a deep knowledge of all the scriptures. Therefore, with the help of ministers and helpers like us, you can certainly conquer the enemy.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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