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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 4-5h
 
 
श्लोक  6.19.4-5h 
अनुजो रावणस्याहं तेन चास्म्यवमानित:॥ ४॥
भवन्तं सर्वभूतानां शरण्यं शरणं गत:।
 
 
अनुवाद
प्रभु! मैं रावण का छोटा भाई हूँ। रावण ने मेरा अपमान किया है। आप सभी जीवों को शरण देने वाले हैं, इसीलिए मैं आपकी शरण में आया हूँ।
 
Lord! I am the younger brother of Ravana. Ravana has insulted me. You are the one who gives shelter to all living beings, that is why I have taken refuge in you. 4 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)