Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.19.35-36: लक्ष्मण! विभीषण की यह सलाह मुझे भी अच्छी लगती है; परंतु सुग्रीव तो राजनीति में बहुत कुशल हैं और आप भी समय पर सलाह देने में कुशल हैं। अतः आप दोनों इस विषय पर अच्छी तरह विचार करें और जो उचित लगे, वही मुझे बताएँ॥ 35-36॥ | ramayan सर्ग 6.19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लक्ष्मण! विभीषण की यह सलाह मुझे भी अच्छी लगती है; परंतु सुग्रीव तो राजनीति में बहुत कुशल हैं और आप भी समय पर सलाह देने में कुशल हैं। अतः आप दोनों इस विषय पर अच्छी तरह विचार करें और जो उचित लगे, वही मुझे बताएँ॥ 35-36॥
Lakshmana! I also like this advice of Vibhishan; but Sugreeva is very knowledgeable in politics and you too are always skilled in giving timely advice. Therefore both of you should think well on the present matter and tell me whatever seems right.'॥ 35-36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥