श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.19.32 
एवं विभीषणेनोक्तो राक्षसेन विपश्चिता।
आजगामाथ सुग्रीवो यत्र राम: सलक्ष्मण:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
विद्वान राक्षस विभीषण के कहने पर सुग्रीव उस स्थान पर आए जहाँ लक्ष्मण सहित श्री राम उपस्थित थे॥32॥
 
On being told by the learned demon Vibhishana, Sugriva came to the place where Shri Ram along with Lakshmana was present. 32॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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