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ramayan 6.19.3-4h: उस समय विभीषण ने श्री राम से धर्मसम्मत, युक्तिसंगत, समयानुकूल और आनन्ददायक बात कही -॥3 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 3-4h
 
 
श्लोक  6.19.3-4h 
अब्रवीच्च तदा वाक्यं रामं प्रति विभीषण:॥ ३॥
धर्मयुक्तं च युक्तं च साम्प्रतं सम्प्रहर्षणम्।
 
 
अनुवाद
उस समय विभीषण ने श्री राम से धर्मसम्मत, युक्तिसंगत, समयानुकूल और आनन्ददायक बात कही -॥3 1/2॥
 
At that time Vibhishana said to Sri Rama something that was in accordance with religion, reasonable, timely and brought joy -॥ 3 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)