श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  6.19.29 
उपायैरभिगच्छाम यथा नदनदीपतिम्।
तराम तरसा सर्वे ससैन्या वरुणालयम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
आप मुझे वह उपाय बताइये, जिससे हम सब लोग अपनी सेना सहित नदियों और झरनों के स्वामी वरुणालय सागर को पार कर सकें।'
 
Tell me the means by which all of us, along with our army, can cross the Varunalaya ocean, the lord of rivers and streams.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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