श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  6.19.28 
अब्रवीच्च हनूमांश्च सुग्रीवश्च विभीषणम्।
कथं सागरमक्षोभ्यं तराम वरुणालयम्।
सैन्यै: परिवृता: सर्वे वानराणां महौजसाम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् हनुमान और सुग्रीव ने विभीषण से पूछा - 'हे राक्षसराज! हम सब महाबली वानरों की सेनाओं के साथ इस दुर्गम समुद्र को कैसे पार कर सकेंगे?'
 
After that Hanuman and Sugriva asked Vibhishana - 'O demon king! How will we all be able to cross this inhospitable ocean with the armies of mighty monkeys?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)