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ramayan 6.19.12: रावण का पुत्र इन्द्रजित् जब छिपकली की खाल से बने दस्ताने पहनकर, अविनाशी कवच ​​पहनकर और हाथ में धनुष लेकर युद्धभूमि में खड़ा होता है, तब वह अदृश्य हो जाता है॥12॥   |   ramayan सर्ग 6.19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.19.12 
बद्धगोधाङ्गुलित्राणस्त्ववध्यकवचो युधि।
धनुरादाय यस्तिष्ठन्नदृश्यो भवतीन्द्रजित्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
रावण का पुत्र इन्द्रजित् जब छिपकली की खाल से बने दस्ताने पहनकर, अविनाशी कवच ​​पहनकर और हाथ में धनुष लेकर युद्धभूमि में खड़ा होता है, तब वह अदृश्य हो जाता है॥12॥
 
Ravana's son Indrajit becomes invisible when he stands in the battle field wearing gloves made of monitor lizard's skin, wearing an indestructible armour and holding a bow in his hand.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)