श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.19.10 
रावणानन्तरो भ्राता मम ज्येष्ठश्च वीर्यवान्।
कुम्भकर्णो महातेजा: शक्रप्रतिबलो युधि॥ १०॥
 
 
अनुवाद
मेरा भाई कुम्भकर्ण, जो रावण से छोटा और मुझसे बड़ा है, अत्यंत बलवान और पराक्रमी है। युद्ध में वह इन्द्र के समान पराक्रमी है॥ 10॥
 
My brother Kumbhakarana, who is younger than Ravana and elder to me, is extremely powerful and mighty. In war he is as powerful as Indra.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)