Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.19.1: इस प्रकार जब श्री रघुनाथ जी ने उन्हें अभयदान दिया, तब विनम्र और बुद्धिमान विभीषण नीचे उतरने के लिए पृथ्वी की ओर देखने लगे॥1॥   |   ramayan सर्ग 6.19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 19: विभीषण का आकाश से उतरकर भगवान् श्रीराम के चरणों की शरण लेना, श्रीराम का रावण-वध की प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  6.19.1 
राघवेणाभये दत्ते संनतो रावणानुज:।
विभीषणो महाप्राज्ञो भूमिं समवलोकयत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार जब श्री रघुनाथ जी ने उन्हें अभयदान दिया, तब विनम्र और बुद्धिमान विभीषण नीचे उतरने के लिए पृथ्वी की ओर देखने लगे॥1॥
 
In this way, when Shri Raghunath ji gave him protection, the humble and wise Vibhishan looked towards the earth to get down. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)