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श्लोक  6.18.39 
ततस्तु सुग्रीववचो निशम्य त-
द्धरीश्वरेणाभिहितं नरेश्वर:।
विभीषणेनाशु जगाम संगमं
पतत्त्रिराजेन यथा पुरंदर:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् वानरराज सुग्रीव के वचन सुनकर राजा राम शीघ्रतापूर्वक आगे बढ़े और विभीषण से मिले, मानो देवताओं के राजा इन्द्र पक्षीराज गरुड़ से मिल रहे हों।
 
Thereafter, upon hearing the words of the King of the Monkeys, Sugreeva, King Rama quickly advanced and met Vibhishana, as if the King of the Gods, Indra, were meeting the King of the Birds, Garuda. 39.
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये युद्धकाण्डेऽष्टादश: सर्ग: ॥ १ ८॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके युद्धकाण्डमें अठारहवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ १ ८॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)