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ramayan 6.18.34: अतः हे वानरश्रेष्ठ सुग्रीव! चाहे विभीषण हो या रावण, तुम उसे ले आओ। मैंने उसे सुरक्षित मार्ग दे दिया है।'   |   ramayan सर्ग 6.18: भगवान् श्रीराम का शरणागत की रक्षा का महत्त्व एवं अपना व्रत बताकरविभीषण से मिलना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.18.34 
आनयैनं हरिश्रेष्ठ दत्तमस्याभयं मया।
विभीषणो वा सुग्रीव यदि वा रावण: स्वयम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
अतः हे वानरश्रेष्ठ सुग्रीव! चाहे विभीषण हो या रावण, तुम उसे ले आओ। मैंने उसे सुरक्षित मार्ग दे दिया है।'
 
Therefore, O best of the monkeys, Sugreeva! Whether it is Vibhishan or Ravana himself, you bring him. I have given him a safe passage.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)