Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.18.25: ‘शिकारी ने कबूतरी की पत्नी को पकड़ लिया था, परन्तु जब वह घर लौटा तो कबूतरी ने उसका आदर किया। फिर मुझ जैसे पुरुष द्वारा शरणागत पर दया करने के विषय में क्या कहा जा सकता है?॥ 25॥ | ramayan सर्ग 6.18: भगवान् श्रीराम का शरणागत की रक्षा का महत्त्व एवं अपना व्रत बताकरविभीषण से मिलना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स हि तं प्रतिजग्राह भार्याहर्तारमागतम्।
कपोतो वानरश्रेष्ठ किं पुनर्मद्विधो जन:॥ २५॥
अनुवाद
‘शिकारी ने कबूतरी की पत्नी को पकड़ लिया था, परन्तु जब वह घर लौटा तो कबूतरी ने उसका आदर किया। फिर मुझ जैसे पुरुष द्वारा शरणागत पर दया करने के विषय में क्या कहा जा सकता है?॥ 25॥
‘The hunter had captured the female pigeon's wife, but the female pigeon respected him when he returned home. Then what can one say about a person like me showing kindness to one who has sought refuge?॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥