श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 18: भगवान् श्रीराम का शरणागत की रक्षा का महत्त्व एवं अपना व्रत बताकरविभीषण से मिलना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.18.21 
स सुग्रीवस्य तद् वाक्यं राम: श्रुत्वा विमृश्य च।
तत: शुभतरं वाक्यमुवाच हरिपुङ्गवम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव के वचनों को सुनकर और उन पर ध्यानपूर्वक विचार करके भगवान राम ने वानरों के प्रधान से यह शुभ वचन कहे-॥ 21॥
 
After listening to Sugreeva's words and thinking over them carefully, Lord Rama spoke the following auspicious words to the chief of the monkeys -॥ 21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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