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श्लोक  6.18.16 
एवमुक्तस्तु रामेण सुग्रीव: सहलक्ष्मण:।
उत्थायेदं महाप्राज्ञ: प्रणतो वाक्यमब्रवीत्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
श्री राम के ऐसा कहने पर लक्ष्मण सहित अत्यन्त बुद्धिमान सुग्रीव ने उठकर उन्हें प्रणाम किया और इस प्रकार कहा -
 
On Shri Ram saying this, the very intelligent Sugriva along with Lakshman got up and bowed to him and said thus –
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)