Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.18.10: राजाओं की दुर्बलताएँ दो प्रकार की कही गई हैं - एक तो समान कुल में उत्पन्न जाति-बंधु और दूसरी पड़ोसी देश के निवासी। संकट पड़ने पर वे अपने विरोधी राजा या राजकुमार पर आक्रमण कर देते हैं। इसी भय से विभीषण यहाँ आए हैं (उन्हें भी अपने जाति-बंधुओं का भय है)।॥10॥ | ramayan सर्ग 6.18: भगवान् श्रीराम का शरणागत की रक्षा का महत्त्व एवं अपना व्रत बताकरविभीषण से मिलना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजाओं की दुर्बलताएँ दो प्रकार की कही गई हैं - एक तो समान कुल में उत्पन्न जाति-बंधु और दूसरी पड़ोसी देश के निवासी। संकट पड़ने पर वे अपने विरोधी राजा या राजकुमार पर आक्रमण कर देते हैं। इसी भय से विभीषण यहाँ आए हैं (उन्हें भी अपने जाति-बंधुओं का भय है)।॥10॥
‘The weaknesses of kings are said to be of two kinds - one is the caste-brothers born in the same clan and the other is the residents of neighbouring countries. When in trouble, they attack their rival king or prince. Due to this fear, Vibhishan has come here (he too fears his caste-brothers).॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥