Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.17.60: यदि कोई अजनबी व्यक्ति पूछे कि, "आप कौन हैं? कहाँ से आए हैं? क्यों आए हैं?" आदि, तो बुद्धिमान पुरुष सहसा ही पूछने वाले पर संदेह करने लगेगा। और यदि उसे यह पता चल जाए कि सब कुछ जानते हुए भी उससे झूठे प्रश्न पूछे जा रहे हैं, तो सुख के लिए आए नए मित्र का हृदय कलुषित हो जाएगा (इस प्रकार मित्र के लाभ से वंचित रहना पड़ेगा)।॥60॥ | ramayan सर्ग 6.17: विभीषण का श्रीराम की शरण में आना और श्रीराम का अपने मन्त्रियों के साथ उन्हें आश्रय देने के विषय में विचार करना । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई अजनबी व्यक्ति पूछे कि, "आप कौन हैं? कहाँ से आए हैं? क्यों आए हैं?" आदि, तो बुद्धिमान पुरुष सहसा ही पूछने वाले पर संदेह करने लगेगा। और यदि उसे यह पता चल जाए कि सब कुछ जानते हुए भी उससे झूठे प्रश्न पूछे जा रहे हैं, तो सुख के लिए आए नए मित्र का हृदय कलुषित हो जाएगा (इस प्रकार मित्र के लाभ से वंचित रहना पड़ेगा)।॥60॥
If a stranger asks, "Who are you? Where have you come from? Why have you come?" etc., then a wise man will suddenly start suspecting the person asking. And if he comes to know that despite knowing everything, he is being asked false questions, then the heart of the new friend who has come for pleasure will be tainted (in this way we will have to be deprived of the benefit of a friend).॥ 60॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥