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श्लोक 6.17.6  |
चिन्तयित्वा मुहूर्तं तु वानरांस्तानुवाच ह।
हनुमत्प्रमुखान् सर्वानिदं वचनमुत्तमम्॥ ६॥ |
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| अनुवाद |
| कुछ देर विचार करने के बाद उन्होंने हनुमान्जी तथा अन्य सब वानरों को यह शुभ समाचार सुनाया-॥6॥ |
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| After thinking for a while he told this good news to Hanuman and all the other monkeys -॥ 6॥ |
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