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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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सर्ग 128: भरत का श्रीराम को राज्य लौटाना, श्रीराम की नगरयात्रा, राज्याभिषेक, वानरों की विदार्इ तथा ग्रन्थ का माहात्म्य
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श्लोक 89
श्लोक
6.128.89
सुग्रीवो वानरश्रेष्ठो दृष्ट्वा रामाभिषेचनम्।
पूजितश्चैव रामेण किष्किन्धां प्राविशत् पुरीम्॥ ८९॥
अनुवाद
श्री रामजी का राज्याभिषेक देखकर वानरश्रेष्ठ सुग्रीव भी किष्किन्धापुरी में आए और उनकी पूजा की॥89॥
Sugriva, the best monkey, also entered Kishkindhapuri after seeing the coronation ceremony of Shri Ram and worshiped him. 89॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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