श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 128: भरत का श्रीराम को राज्य लौटाना, श्रीराम की नगरयात्रा, राज्याभिषेक, वानरों की विदार्इ तथा ग्रन्थ का माहात्म्य  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  6.128.84 
सर्वे वानरवृद्धाश्च ये चान्ये वानरोत्तमा:।
वासोभिर्भूषणैश्चैव यथार्हं प्रतिपूजिता:॥ ८४॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार वानरों में जो प्रमुख और श्रेष्ठ थे, उन सबको उचित वस्त्र और आभूषणों से सम्मानित किया गया ॥ 84॥
 
Similarly, the chief and the best of the monkeys were all honoured with appropriate clothes and ornaments. ॥ 84॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)