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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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श्लोक 38
श्लोक
6.128.38
अक्षतं जातरूपं च गाव: कन्या: सहद्विजा:।
नरा मोदकहस्ताश्च रामस्य पुरतो ययु:॥ ३८॥
अनुवाद
श्री राम के आगे-आगे अनेक लोग चल रहे थे, जिनके हाथों में चावल और सोने से भरे बर्तन, गायें, ब्राह्मण, कन्याएं और मिठाइयां थीं।
Ahead of Sri Rama were walking a number of people carrying vessels filled with rice and gold, cows, Brahmins, girls and sweets in their hands.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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